कृषि मंत्री ने मानी किसानों की मांग, पराली जलाना अब नहीं होगा अपराध

आंदोलनकारी किसान 2020 से दिल्ली के विभिन्न कानूनों का विरोध कर रहे है। कृषि मंत्री ने कहा, 'तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का विधेयक शीतकालीन सत्र के पहले दिन (29 नवंबर को) संसद में पेश किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने मानी किसानों की मांग, पराली जलाना अब नहीं होगा अपराध

शनिवार यानी आज देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आंदोलन खत्म करके घर जाने का आग्रह किया है। आपको बता दें कि उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा के बाद अब आंदोलन करने का कोई औचित्य नहीं बसता है।

आंदोलनकारी किसान 2020 से दिल्ली के विभिन्न कानूनों का विरोध कर रहे है। कृषि मंत्री ने कहा, 'तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का विधेयक शीतकालीन सत्र के पहले दिन (29 नवंबर को) संसद में पेश किया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने फसल विविधीकरण, शून्य बजट खेती और एमएसपी प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है। 

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राकेश टिकैत ने रखी मांग 

किसान नेता राकेश टिकैत का इस पूरे मामले पर कहना है कि सरकार द्वारा एमएसपी पर कानून की उनकी मांग को स्वीकार करने के बाद ही किसान घर वापस जाएंगे और आंदोलन को खत्म करेंगे। नहीं अब पराली जलाना कानूनी अपराध नहीं होगा।