पार्टी बदलने की चर्चा पर बोले अरुण यादव, 'भाजपा के नेताओं में हिम्मत नहीं मुझसे बात करें'

अरुण यादव ने साफ कहा की पारिवारिक कारणों के कारण चुनाव नहीं लड़ने का फैसला उन्होंने लिया है लेकिन पार्टी हाईकमान से उन्होंने कहा है कि जनता के बीच रहने वाले किसी नए व प्रतिष्ठित युवा व्यक्ति को टिकट दिया जाए

पार्टी बदलने की चर्चा पर बोले अरुण यादव, 'भाजपा के नेताओं में हिम्मत नहीं मुझसे बात करें'

मध्य प्रदेश के खंडवा लोकसभा उपचुनाव में प्रत्याशी बनने से अरुण यादव ने खुद को दूर कर लिया था जिसके बाद ऐसी चर्चाएं शुरू हो गई थी कि शायद अरुण यादव भी कांग्रेस का हाथ छोड़कर कमल के फूल के साथ जा शामिल होंगे. हालांकि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के किसी भी नेता की हिम्मत नहीं है कि वह मुझसे पार्टी में आने की बात कह सके.

अरुण यादव ने साफ कहा की पारिवारिक कारणों के कारण चुनाव नहीं लड़ने का फैसला उन्होंने लिया है लेकिन पार्टी हाईकमान से उन्होंने कहा है कि जनता के बीच रहने वाले किसी नए व प्रतिष्ठित युवा व्यक्ति को टिकट दिया जाए. खंडवा लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी चयन में उलझ गई है क्योंकि वहां सीट खाली होने के बाद से ही क्षेत्र में सक्रिय अरुण यादव ने चुनाव मैदान में उतरने से मना कर दिया है।

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 अरुण यादव हाईकमान और प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ को यह बताने के बाद मंगलवार को भोपाल आए तो मीडिया का उनके निवास पर जमावड़ा लग गया। उन्होंने एक रटे-रटाए वक्तव्य की भांति कैमरों के सामने और रूबरू चर्चा करने वाले पत्रकारों को पारिवारिक कारणों से चुनाव से दूर होने तथा भाजपा में नहीं जाने की बातें कीं।