छत्तीसगढ़ पहुंचा ब्लैक फंगस का कहर, 15 मरीज एम्स में हुए भर्ती, एम्स के डायरेक्टर ने की पुष्टि

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छत्तीसगढ़ पहुंचा ब्लैक फंगस का कहर, 15 मरीज एम्स में हुए भर्ती, एम्स के डायरेक्टर ने की पुष्टि

रायपुर । छत्तीसगढ़ में इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नई बीमारी Mucormycosis यानि ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई है। रायपुर एम्स के डायरेक्टर डॉ नितिन एम नागरकर ने इसकी पुष्टि की है।

बता दे कि रायपुर के एम्स में 15 ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती कराया गये हैं। शुरुवाती जांच में पता चला है कि रायपुर एम्स में भर्ती मरीजों में 8 की आंखों में इंफेक्शन है। जबकि बाकि बचे मरीजों के अन्य पार्टों में संक्रमण है, जिनकी जांच की जा रही है। वही, स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने भी छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस के मरीजों के मिलने की पुष्टि की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीजों की जांच की जा रही है।

वही, पूरे प्रदेश में कोरोना के बाद ब्लैंक फंगस का शिकार हुए मरीजों की संख्या करीब 50 की है, जो अलग-अलग जिलों में है। हालांकि पूरी तरह से उन मरीजों की जानकारी सामने नहीं आ पाई है। रायपुर एम्स में करीब 15 मरीजों के ब्लैक फंगस से प्रभावित होने की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। 

क्या है Mucormycosis ? –

आईसीएमआर की एडवाइजरी के मुताबिक यह एक खतरनाक फंगल इंफेक्शन है, जो आमतौर पर डायबिटीज के रोगियों में पाया जाता है, जिन लोगों का शुगर कंट्रोल में नहीं है और वह कोरोना से संक्रमित हो जाएं, तो यह इंफेक्शन होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

जानिए क्या होते हैं लक्षण ? –

सिरदर्द, बुखार और आंखों के नीचे दर्द होना इस इंफेक्शन के प्रमुख लक्षण हैं। इसके अलावा नाक और साइनस में जकड़न होना और आंशिक रूप से दृष्टिबाधित होना भी इस इन्फेक्शन के लक्षण हो सकते हैं। अगर आपको इस इंफेक्शन का कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

जान लीजिए बचाव के तरीके –

1. जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, वे अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखें। अगर वे ऐसा करेंगे इस इंफेक्शन का खतरा कम रहेगा।

2. डॉक्टर्स स्टेरॉइड के डोज उचित समय तक और उचित मात्रा में दें। अत्यधिक मात्रा में स्टेरॉयड का उपयोग खतरनाक हो सकता है।

3. ऑक्सीजन ह्यूमिडिफायर का पानी साफ रखना चाहिए। ऐसा करने से इस इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है।

4. कोरोना से संक्रमित होने वाले मरीज अगर साफ सफाई का ध्यान रखेंगे, तो वे इस इंफेक्शन की चपेट में आने से बच सकते हैं।

5. नाक में सूजन या मुंह में अल्सर होने पर उसका जल्द से जल्द इलाज करवाएं। इलाज में देरी करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।