यूपी में चुनावी विज्ञापनों पर पैनी रहेगी चुनाव आयोग की नजर

यह कमेटियां पेड न्यूज, फेक न्यूज और ऐसी सामग्री जिससे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के प्रकाशन व प्रसारण पर कड़ी नजर रखेंगी।

यूपी में चुनावी विज्ञापनों पर पैनी रहेगी चुनाव आयोग की नजर

चुनाव आयोग ने इस बार यूपी विधानसभा 2022 में राजनीतिक दलों द्वारा किए जा रहे प्रचार पर कड़ी नजर बनाए रखने का फैसला लिया है आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों को जारी करने से पहले चुनाव आयोग से अनुमति लेनी पड़ेगी कहा जा रहा है कि जो विज्ञापन अखबारों में प्रकाशित होने पर अगर उसमें किसी आपत्तिजनक और शिकायत आयोग से की गई तो अखबार के संपादक से भी पूछताछ की जाएगी ।

आपको बता दें कि यह जानकारी स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में दी है बताया गया है कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को Paid News के अलावा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चुनावी संबंधित सामग्री प्रकाशित व प्रसारित किए जाने पर   मॉनिटरिंग कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटियां पेड न्यूज, फेक न्यूज और ऐसी सामग्री जिससे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के प्रकाशन व प्रसारण पर कड़ी नजर रखेंगी।

यह भी पढ़े : अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे अखिलेश और शिवपाल, नहीं होगा गठबंधन

अभियान के दौरान बीएलओ घर-घर भी जाएंगे और पहली जनवरी 2022 को 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले नए वोटरों का पंजीकरण करेंगे और मृत या स्थानांतरित वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाएंगे।