8 नवंबर तक टली लखीमपुर हिंसा मामले की सुनवाई, गवाहों के बयान पर फसा पेंच

साल्वे ने आगे बताया कि हमने गवाही के लिए विज्ञापन भी जारी किया था वीडियो सबूत भी मिले हैं और जांच की जा रही है। याद हो कि इस महीने की शुरुआत में हुई हिंसा मैं 4 किसानों समेत एक पत्रकार सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी।

8 नवंबर तक टली लखीमपुर हिंसा मामले की सुनवाई, गवाहों के बयान पर फसा पेंच

सुप्रीम कोर्ट में आज एक बार फिर से लखीमपुर मामले पर सुनवाई चली हालांकि इस बार फिर से गवाहों के बयान दर्ज से संबंधित पेंच लड़ते नजर आए। मिली जानकारी की मानें तो सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश किए गए वकील हरीश साल्वे से सवाल पूछा  'घटना के वक्त सैकड़ों लोग थे। उनमें सिर्फ 23 ही चश्मदीद हैं?' दरअसल,  यूपी के वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट में कहा, '30 गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने हो चुके हैं। उनमें 23 प्रत्यक्षदर्शी हैं।

साल्वे ने आगे बताया कि हमने गवाही के लिए विज्ञापन भी जारी किया था वीडियो सबूत भी मिले हैं और जांच की जा रही है। याद हो कि इस महीने की शुरुआत में हुई हिंसा मैं 4 किसानों समेत एक पत्रकार सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। और अदालत ने इस पूरे मामले में सुता संज्ञान लिया था पिछली सुनवाई में जांच में संतोषजनक एक्शन के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की खिंचाई भी की गई थी।

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इस मामले में केंद्रीय मंत्री का बेटा भी मुख्य आरोपियों में शामिल है। वहीं दूसरी तरफ सुनवाई के दौरान घटना में मारे गए श्याम सुंदर की पत्नी रूबी देवी और पत्रकार रमन कश्यप के परिवार ने जांच सही से न होने की शिकायत की है। सुप्रीम कोर्ट ने इसपर यूपी सरकार से रिपोर्ट देने को कहा है। अगली सुनवाई 8 नवंबर के लिए टाल दी गई।