जानिए क्या है प्रधानमंत्री के कृषि कानूनों को वापस लेने की वजह

दरअसल सरकार द्वारा यह फैसला बीते कई महीनों से जारी किसान आंदोलन को देखते हुए लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि इस कानून को खत्म करने की प्रक्रिया शीतकालीन सत्र से शुरू हो जाएगी।

जानिए क्या है प्रधानमंत्री के कृषि कानूनों को वापस लेने की वजह

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लंबे समय से आंदोलन और कृषि बिल को लेकर एक बड़ा फैसला कर दिया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उन्होंने गुरु नानक जयंती के मौके पर कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया है। ऐसे में सबकी नखरे आने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 पर जा रहे हैं लेकिन क्या असल में इस कानून को वापस लेने की वजह चुनाव है या कोई और ?

दरअसल सरकार द्वारा यह फैसला बीते कई महीनों से जारी किसान आंदोलन को देखते हुए लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि इस कानून को खत्म करने की प्रक्रिया शीतकालीन सत्र से शुरू हो जाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी तपस्या में ही कमी रही होगी, जिसकी वजह से हम कुछ किसानों को नहीं समझा पाए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा 'पांच दशक के अपने सार्वजनिक जीवन में मैंने किसानों की मुश्किलों, चुनौतियों को बहुत करीब से अनुभव किया है।

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कृषि कानूनों के संदर्भ में पीएम मोदी ने कहा कि बरसों से ये मांग देश के किसान, देश के कृषि विशेषज्ञ, देश के किसान संगठन लगातार कर रहे थे। पहले भी कई सरकारों ने इस पर मंथन किया था। इस बार भी संसद में चर्चा हुई, मंथन हुआ और ये कानून लाए गए। किसानों की स्थिति को सुधारने के इसी महाअभियान में देश में तीन कृषि कानून लाए गए थे।