सीएम योगी ने तलब की रिपोर्ट, हाउस टैक्स वसूली में पीछे रह गया लखनऊ नगर निगम

जी आई सर्वे में 88 वर्ड में 620100 संपत्तियों का पता चला है जबकि नगर निगम के अभिलेखों में मात्र 575238 संपत्तियां हैं दर्ज है ऐसे में यह बात साफ है 44862 संपत्तियां का कर निर्धारण नहीं किया जा रहा था। 

सीएम योगी ने तलब की रिपोर्ट, हाउस टैक्स वसूली में पीछे रह गया लखनऊ नगर निगम

नगर निगम सीमा में सभी भवनों को कर के दायरे में ना लाए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दफ्तर में रिपोर्ट तलब कर दी है। एक निजी चैनल द्वारा 6 सितंबर को प्रकाशित खबर के बाद मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने अपर मुख्य सचिव इस मामले की जांच कराने को पत्र लिखा नगर निगम के सभी जोन में चल रहे जी आई सर्वे में 44862 संपत्तियां ऐसी पाई गई थी जो नगर निगम के अभिलेखों में दर्ज नहीं है। 

इन 44862 संपत्तियों से कर भी वही वसूला जा रहा है यह सर्वे नगर निगम के कुल 110 वर्ड में से 88 वर्ड में कराया गया था। आपको बता दें कि जी आई सर्वे में 88 वर्ड में 620100 संपत्तियों का पता चला है जबकि नगर निगम के अभिलेखों में मात्र 575238 संपत्तियां हैं दर्ज है ऐसे में यह बात साफ है 44862 संपत्तियां का कर निर्धारण नहीं किया जा रहा था। 

कर रहे थे खुद की कमाई 

दरअसल कई सालों से एक ही सीट पर जमीन निरीक्षकों के लेकर कथित तौर पर कर निर्धारित करने के काम में दखल देने वाले लिपिक और यहां तक कि चपरासी भी इस खेल में शामिल है। उसी भवन का कर निर्धारण करते हैं जहां से कुछ ऊपरी कमाई हो जाती है वार्षिक किराया मूल्य को मनमाने तरह से बढ़ाना और कम करने के नाम पर मनमाना चढ़ाया जाता है। इसी तरह भवनों को लेकर दायरे में ना लाकर वहां से खुद की कमाई करने का खेल नगर निगम में चल रहा है।