Pegasus Case : विशेषज्ञों के पैनल से जांच कराने के लिए राजी हुआ केंद्र

केंद्र ने प्रधान न्यायाधीश एनवी रामना की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और इसलिए सरकार ने खुद ही इन आरोपों की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने का फैसला किया है।

Pegasus Case : विशेषज्ञों के पैनल से जांच कराने के लिए राजी हुआ केंद्र

बीते कुछ समय पहले इसराइल के बनाए हुए स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर पेगासस को लेकर काफी हंगामा हुआ था पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहां कि वह कथित जासूसी मामले में स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर हलफनामा दाखिल नहीं करना चाहती है।  केंद्र ने प्रधान न्यायाधीश एनवी रामना की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और इसलिए सरकार ने खुद ही इन आरोपों की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने का फैसला किया है।

सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं 

सालिसिटर  जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश एनवी रामना की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ से कहा कि सरकार द्वारा किसी विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है या नहीं यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है और इस जानकारी को हलफनामे का हिस्सा बनाना राष्ट्रहित में नहीं होगा। बता दिया कि इस पीठ में जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली भी शामिल है।

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इस पर मेहता ने कहा कि वह पहले ही इस बात को स्पष्ट कर चुकी है कि वह नहीं चाहती कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौते करने वाली किसी भी बात का खुलासा करें मेहता ने कहा कि विशेषज्ञों की समिति की रिपोर्ट सीट अदालत के समक्ष रखी जाएगी।  इससे पहले केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत में समिति हलफनामा दाखिल कर कहा था कि जासूसी के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग संबंधित याचिकाओं अनुमानों या निराधार मीडिया रिपोर्ट्स अधूरी अस्पष्ट सामग्री पर आधारित है।