कोयले संकट की खबर को सरकार ने बताया गलत, कहा देश में पर्याप्त है कोयला

वहीं केजरीवाल ने पत्र लिखकर कहा यहां की बिजली संयंत्रों में केवल 1 दिन का कोयला शेष रह गया है ऐसे में यदि जल्द ही आपूर्ति नहीं की गई तो संयंत्र बंद हो सकते हैं.

कोयले संकट की खबर को सरकार ने बताया गलत, कहा देश में पर्याप्त है कोयला

बीते कुछ दिनों से देश में कोयले शंकर की खबरें सामने आ रही है, कई राज्यों की तरफ से यह कहा गया कि जल्द ही कोयला पावर प्लांट से खत्म हो रहा है ऐसे में राज्यों में बिजली संकट देखने को मिल सकता है. इस बारे में राजधानी दिल्ली के साथ साथ कुछ अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने और तुरंत कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की थी.

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री का कहना है कि उनका राजू पहले से ही पावर कट की समस्या से जूझ रहा है . ऐसे में अगर कोयले की कमी हो गई तो बिजली संकट आ सकता है. वहीं केजरीवाल ने पत्र लिखकर कहा यहां की बिजली संयंत्रों में केवल 1 दिन का कोयला शेष रह गया है ऐसे में यदि जल्द ही आपूर्ति नहीं की गई तो संयंत्र बंद हो सकते हैं.  हालांकि उनके इस बयान पर बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा कि दिल्‍ली के पास 3-4 दिन का कोयला बचा है। उन्‍होंने कोयले की कमी को भी गलत करार दिया है।

बिजली मंत्रालय ने किया ट्वीट

बिजली मंत्रालय के एक ट्वीट में कहा गया है कि थर्मल पावर प्‍लांट्स में कोयले के भंडार समीक्षा की है। देश में पावर प्‍लांट्स की मांग को पूरा करने के लिए कोयला मौजूद है। इसकी कमी और बिजली संकट की आशंका पूरी तरह से गलत है।

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इस मुद्दे पर कोयला मंत्रालय की तरफ से भी कुछ ट्वीट कर स्थिति को साफ किया गया है। इसमें कहा गया है कि देश में कोयले का आयात कम करने के लिए घरेलू कोयले की आपूर्ति बढ़ाई गई है। आत्‍मनिर्भर दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में घरेलू कोयले पर आधारित बिजली उत्पादन में 24 फीसद की वृद्धि हुई है और आयातित कोयले की सप्लाई 30 फीसद कम हुई है।